SC का सहारा की एम्बी वैली अटैच करने का ऑर्डर, सुब्रत रॉय की पेरोल 2 हफ्ते बढ़ी

नई दिल्ली.सहारा-सेबी विवाद में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप से उसकी प्रॉपर्टी की लिस्ट मांगी, ताकि उन्हें नीलाम किया जा सके। लोनावाला के पास स्थित एम्बी वैली को भी अटैच करने का ऑर्डर दिया है। एम्बी वैली की कीमत करीब 39,000 करोड़ रुपए है। 600 करोड़ रुपए जमा करने पर कोर्ट ने रॉय की पेरोल भी दो हफ्ते बढ़ा दी है। यह 6 फरवरी को खत्म हो रही थी। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब हिस्सों में पैसे नहीं चाहिए। एकमुश्त पैसे लेने के लिए ये कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह सुब्रत राय को एक मौका और दे रहा है। 14799 करोड़ रुपए की होनी है रिकवरी…
– जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एके सिकरी की बेंच ने सहारा को 20 फरवरी तक उसकी प्रॉपर्टी की लिस्ट भी देने को कहा है।
– कोर्ट ने कहा है कि ये प्रॉपर्टी सभी तरह के चार्ज से फ्री होना चाहिए।
– बता दें कि सहारा से 14799 करोड़ रुपए की रिकवरी की जानी है।
– ये रिकवरी सहारा ग्रुप की दो कंपनियों SIRECL (सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड) और SHICL (सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) से की जानी है।
– कोर्ट ने लोनावाला स्थित एम्बी वैली को भी अटैच करने का ऑर्डर दिया है।
– सुनवाई के दौरान सहारा के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर एम्बी वैली को अटैच करने की बात की जा रही है तो बाकी प्रॉपर्टीज की लिस्ट क्यों मांगी जा रही है? इस पर कोर्ट ने कहा- हमने अटैचमेंट की बात इसलिए कही क्योंकि कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है। आप हमें ऐसी प्रॉपर्टीज की लिस्ट दीजिए जिसके जरिए 14 हजार करोड़ वसूले जा सकें।
क्या है सहारा समूह का विवाद?
– सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों-सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स से 17,400 करोड़ रुपए जुटाए थे।
– सितंबर, 2009 में सहारा प्राइम सिटी ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा किए, जिसके बाद सेबी ने अगस्त 2010 में दोनों कंपनियों की जांच के आदेश दिए थे।
– कंपनियों में गड़बड़ी मिलने पर विवाद बढ़ता गया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों को निवेशकों के 36 हजार करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया।
10600 एकड़ में फैली है एम्बी वैली
– यह देश की पहली लग्जरी प्लांड हिल सिटी है। यहां बने एक-एक विला की कीमत 30 से 40 करोड़ रुपए है।
– यह लोनावाला से 23 किलोमीटर दूर है। इसमें 3 मैनमेड लेक हैं। कुल 11 वाटर बॉडीज हैं।
– इनके अलावा यहां गोल्फ कोर्स, स्पैनिश कॉटेज, इंटरनेशनल स्कूल, प्ले ग्राउंड, फॉर्च्यून फाउंटेन है।
– यहां वाटर स्पोर्ट्स और स्काई डायविंग जैसी फेसेलिटीज भी हैं।
कोर्ट रूम में क्या हुआ?
जस्टिस दीपक मिश्रा: हमें अब फुटकर पैसे नहीं चाहिए। पूरा पैसा जल्द और एकसाथ चाहिए। इसके लिए कोर्ट को गारंटी के तौर पर ऐसी प्राॅपर्टी चाहिए जो कीमत के लिहाज से इन्वेस्टर्स का पैसा लौटाने के लिए काफी हो।
कोर्ट मित्र शेखर नाफड़े: मुंबई के पास लग्जरी टाउनशिप एंबी वैली की कीमत करीब 39 हजार करोड़ रु. है। उसे बेचकर इन्वेस्टर्स का पैसा एकसाथ लौटाया जा सकता है।
जस्टिस मिश्रा: क्यों न एंबी वैली को अटैच कर लें?
कपिल सिब्बल:ऐसा आदेश जारी न करें। हम इतनी ही कीमत की अन्य संपत्तियों की सूची कोर्ट को देने को तैयार हैं। कोर्ट उन्हें नीलाम कर पैसा वसूल सकती है।
जस्टिस मिश्रा:यह प्रोजेक्ट इतना बड़ा है कि इसको अटैच करने से इन्वेस्टर्स को पैसा मिलने की गारंटी रहेगी।
कपिल सिब्बल: एंबी वैली प्रोजेक्ट सुब्रत की भावनाओं से जुड़ा है। यह उनकी मां का सपना था। इसके ऐवज में हम अन्य संपत्तियों की सूची देने को तैयार हैं।
जस्टिस मिश्रा: इसलिए तो हम अभी रिसीवर नियुक्त नहीं कर रहे हैं। दो हफ्ते में कोर्ट को ऐसी संपत्तियों की लिस्ट दें, जिन पर कोई कानूनी विवाद या देनदारी न हो। जिन्हें नीलाम कर इन्वेस्टर्स को पैसा लौटाया जा सके।
कपिल सिब्बल:हम जल्द ही अदालत को ऐसी संपत्तियों की लिस्ट सौंप देंगे।
जस्टिस मिश्रा:अगर अापकी लिस्ट रकम मिलने की गारंटी के लिए पर्याप्त हुई तो एंबी वैली के लिए अटैचमेंट आदेश बदलने पर विचार कर सकते हैं।
कपिल सिब्बल:हमने 11 हजार करोड़ रुपए लौटा दिए हैं। प्रिंसिपल अमाउंट का 14 हजार 799 करोड़ रुपए ही बकाया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी हमें प्राॅपर्टी बेचने के संबंध में नोटिस जारी किया है।
जस्टिस मिश्रा: हम एंबी वैली को अटैच करने का आदेश देते हैं। आप पैसा देते रहिए, हम आपको जेल नहीं भेजेंगे।
ढाई साल में 11000 हजार करोड़ रुपए लौटाए
– पिछली सुनवाई के दौरान सुब्रत रॉय के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा था कि ढाई साल में सहारा इन्वेस्टर्स के 11000 करोड़ रुपए लौटा चुकी है।
– सुप्रीम कोर्ट ने पहले रॉय को 1000 करोड़ रुपए दो महीने में सेबी को लौटाने को कहा था।
– बाद में कोर्ट ने यह रकम कम कर दी और कहा कि 6 फरवरी तक उन्हें 600 करोड़ रुपए जमा कराने होंगे।
– कोर्ट ने कहा था कि 6 फरवरी तक रकम जमा नहीं कराई तो रॉय को जेल जाना होगा। उनकी 87 प्रॉपर्टीज भी नीलाम की जाएंगी।
– सहारा के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि नोटबंदी के बाद मार्केट में मंदी है। ऐसे में, 600 करोड़ रुपए जमा करवाने के लिए उन्हें थोड़ी मोहलत दी जाए।
– इस पर कोर्ट ने कहा कि 28 नवंबर को यह आदेश जारी करने के वक्त भी हालात लगभग यही थे।
– कोर्ट ने 1000 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था, लेकिन आपने इसे 600 करोड़ करने की गुजारिश की थी।
कब हुई जेल, कब मिली पेरोल?
सुब्रत रॉय 4 मार्च 2014 को जेल गए थे। इसके बाद 6 मई 2016 को उनकी मां की मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उन्हें पैराेल दी गई थी।
रॉय की पैराेल तभी से बढ़ती रही है।
News Source – Danik Bhaskar

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR