SC ने कलकत्ता HC के जज को जारी किया कंटेम्प्ट नोटिस, पहली बार हुआ ऐसा

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज, जस्टिस सीएस कर्णन के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि उन्हें कोई भी ज्यूडिशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव काम न दिया जाए। ऐसा पहली बार हुआ है, जब सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाईकोर्ट के किसी जज को ऐसा नाेटिस दिया गया है। बता दें कि जस्टिस कर्णन ने पीएम को लेटर लिखकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और मद्रास हाईकोर्ट के मौजूदा जजों पर करप्शन के आरोप लगाए थे। कर्णन ने पीएम को लिखा था लेटर…
– सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफिस से कहा है कि वे जस्टिस कर्णन को इस ऑर्डर की कॉपी सौंपे।
– यह कॉपी जस्टिस कर्णन को उस दिन दी जाए, जिस दिन वे अपने पास मौजूद सभी ज्यूडिशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव फाइल्स कलकत्ता हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंप दें।
– जस्टिस कर्णन ने कुछ दिन पहले पीएम को चिट्ठी लिखकर कई जजों पर करप्शन के आरोप लगाए थे।
– उन्होंने अपने लेटर में इसकी जांच की मांग भी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट माना था।
– अटॉर्नी जनरल ने गुजारिश की थी की कर्णन पर एक्शन लेकर सुप्रीम कोर्ट को नजीर पेश करनी चाहिए।
कर्णन ने क्या लिखा था लेटर में?
– जस्टिस कर्णन ने 23 जनवरी को पीएम को लेटर लिखा था।
– इसमें कहा गया था कि नोटबंदी से करप्शन कम हुआ है, लेकिन ज्यूडिशियरी में मनमर्जी और बेखौफ करप्शन हो रहा है।
– उन्होंने लेटर में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के मौजूदा और रिटायर्ड 20 जजों के नाम भी लिखे थे। मामले की किसी एजेंसी से जांच की मांग भी की थी।
पहले भी विवादों में रहे हैं जस्टिस कर्णन
– जस्टिस कर्णन 2011 में मद्रास हाईकोर्ट में के जज थे।
– उस वक्त उन्होंने एक साथी जज के खिलाफ जातिसूचक शब्द कहने की शिकायत दर्ज कराई थी।
– 2014 में मद्रास हाईकोर्ट में जजों के अप्वाॅइंटमेंट को लेकर वो तब के चीफ जस्टिस के चेंबर में घुस गए थे और बदसलूकी की थी।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR