डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

महेंद्र सिंह धोनी 7 जुलाई को 36 साल के हो जाएंगे। साल 2016 में एक बार धोनी वाराणसी में बच्चों के बीच पहुंचे थे जहां वे 40 मिनट तक उनके टीचर बने थे। इस दौरान बच्चों के पूछे गए सवाल में उन्होंने अपनी सक्सेस का मंत्र बताया था। इस दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस का राज भी बच्चों को बताया था। पापा से डरते हुए पूछा था सवाल…

– स्कूल में शशांक नाम के एक बच्चे ने धोनी से उनकी सक्सेस का राज पूछा था जिसके जवाब में धोनी ने बताया था कि 10th के फाइनल एग्जाम के दौरान ही उनके स्कूल में मैच था।
– एग्जाम के बीच में एक पेपर के दो दिन बाद होने वाले एक मैच में वे खेलना चाहते थे। फिर उन्होंने अपने पिता से डरते हुए पूछा था कि एक्जाम के समय क्रिकेट खेलने जा सकता हूं?
– पापा ने कहा था, बेटा अगर साल भर पढ़े हो, तो खेलने जाओ। कोई दो दिन की पढ़ाई से परीक्षा पास नहीं कर सकता। पापा ने उस समय बताया था कि पढ़ाई के साथ खेल जरूरी है। इसके बाद उन्होंने दोनों को कंटीन्यू किया। अच्छे नंबरों से मैट्रिक पास किया और मैच भी जीता।

बच्चों को बताया था फिटनेस का राज

– एक बच्चे ध्रुव ने धोनी से उनके फिटनेस का राज पूछा था जिसमें धोनी ने कहा था कि वे सही समय पर कंपलीट डाइट लेते हैं।
– अच्छे कोच से सलाह के साथ, स्ट्रेस से दूर भी रहते है जो स्पोर्ट्स के लिए जरुरी होता है। उन्होंने बताया था कि अगर 6 घंटे पढ़ाई करते हैं, तो फिटनेस के लिए एक घंटे कोई भी गेम जरूरी है।
– एक बच्‍चे आमोग ने पूछा था कि गेम्स में अच्छा कैसे करें? तो धोनी ने बताया था कि किसी भी गेम में सक्सेस के लिए प्लानिंग जरूरी होती है।
– उन्होंने बताया था कि आप जिस गेम को भी खेलें, पॉजिटिव अप्रोच होना जरूरी है। क्रिकेट में प्लानिंग आवश्यक है।
– जब तक चैलेंज को एक्सेप्ट करने की आदत नहीं बनेगी, सफलता कैसे मिलेगी।

टाइम मैनेजमेंट के लिए बच्चों को दिए थे टिप्स

– टाइम मैनेजमेंट से संबंधित एक सवाल पर धोनी ने बच्चों को बताया था कि लाइफ में टाइम मैनेजमेंट सक्सेस के लिए इम्पोर्टेंट है।
– अगर आप सुबह खेलते हैं, तो स्कूल जाना और पढ़ाई करना भी जरूरी है। खेल के साथ पढ़ाई की जा सकती है।
– उन्होंने बताया था कि गार्जियन को ध्यान देना होगा कि बच्चे के पढ़ाई और खेलने की टाइमिंग क्या रखें, तभी बैलेंस बनता है।
– खेलने से स्ट्रेस कम होता है, आपका पढ़ाई में मन लगेगा। फिजिकली फिटनेस के लिए जरूरी नहीं कि आप घंटों खेलते रहें। जरूरत है, टाइमिंग सेट करने की। जिंदगी में सोच हमेशा पॉजिटिव होनी चाहिए।

महेंद्र सिंह धोनी 7 जुलाई को 36 साल के हो जाएंगे। साल 2016 में एक बार धोनी वाराणसी में बच्चों के बीच पहुंचे थे जहां वे 40 मिनट तक उनके टीचर बने थे। इस दौरान बच्चों के पूछे गए सवाल में उन्होंने अपनी सक्सेस का मंत्र बताया था। इस दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस का राज भी बच्चों को बताया था। पापा से डरते हुए पूछा था सवाल…

– स्कूल में शशांक नाम के एक बच्चे ने धोनी से उनकी सक्सेस का राज पूछा था जिसके जवाब में धोनी ने बताया था कि 10th के फाइनल एग्जाम के दौरान ही उनके स्कूल में मैच था।
– एग्जाम के बीच में एक पेपर के दो दिन बाद होने वाले एक मैच में वे खेलना चाहते थे। फिर उन्होंने अपने पिता से डरते हुए पूछा था कि एक्जाम के समय क्रिकेट खेलने जा सकता हूं?
– पापा ने कहा था, बेटा अगर साल भर पढ़े हो, तो खेलने जाओ। कोई दो दिन की पढ़ाई से परीक्षा पास नहीं कर सकता। पापा ने उस समय बताया था कि पढ़ाई के साथ खेल जरूरी है। इसके बाद उन्होंने दोनों को कंटीन्यू किया। अच्छे नंबरों से मैट्रिक पास किया और मैच भी जीता।

बच्चों को बताया था फिटनेस का राज

– एक बच्चे ध्रुव ने धोनी से उनके फिटनेस का राज पूछा था जिसमें धोनी ने कहा था कि वे सही समय पर कंपलीट डाइट लेते हैं।
– अच्छे कोच से सलाह के साथ, स्ट्रेस से दूर भी रहते है जो स्पोर्ट्स के लिए जरुरी होता है। उन्होंने बताया था कि अगर 6 घंटे पढ़ाई करते हैं, तो फिटनेस के लिए एक घंटे कोई भी गेम जरूरी है।
– एक बच्‍चे आमोग ने पूछा था कि गेम्स में अच्छा कैसे करें? तो धोनी ने बताया था कि किसी भी गेम में सक्सेस के लिए प्लानिंग जरूरी होती है।
– उन्होंने बताया था कि आप जिस गेम को भी खेलें, पॉजिटिव अप्रोच होना जरूरी है। क्रिकेट में प्लानिंग आवश्यक है।
– जब तक चैलेंज को एक्सेप्ट करने की आदत नहीं बनेगी, सफलता कैसे मिलेगी।

टाइम मैनेजमेंट के लिए बच्चों को दिए थे टिप्स

– टाइम मैनेजमेंट से संबंधित एक सवाल पर धोनी ने बच्चों को बताया था कि लाइफ में टाइम मैनेजमेंट सक्सेस के लिए इम्पोर्टेंट है।
– अगर आप सुबह खेलते हैं, तो स्कूल जाना और पढ़ाई करना भी जरूरी है। खेल के साथ पढ़ाई की जा सकती है।
– उन्होंने बताया था कि गार्जियन को ध्यान देना होगा कि बच्चे के पढ़ाई और खेलने की टाइमिंग क्या रखें, तभी बैलेंस बनता है।
– खेलने से स्ट्रेस कम होता है, आपका पढ़ाई में मन लगेगा। फिजिकली फिटनेस के लिए जरूरी नहीं कि आप घंटों खेलते रहें। जरूरत है, टाइमिंग सेट करने की। जिंदगी में सोच हमेशा पॉजिटिव होनी चाहिए।

डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

 

डर से पूछे गए एक सवाल ने बनाया धोनी को स्टार, बताया था फिटनेस का राज

 

 

 

 

 

 

 

 

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR