इसी जगह पर रचा गया था चक्रव्यूह, 7 महारथियों ने घेरकर मारा था अभिमन्यु

अभी हाल ही में कुरुक्षेत्र को धार्मिक नगरी घोषित किया गया है। कुरुक्षेत्र में ही महाभारत का युद्ध हुआ था जिसमें लाखों लोग मारे गए थे। यहां महाभारत युद्ध के प्रमाण जगह-जगह बिखरे हुए हैं। इन्हीं में से एक जगह है अमीन। इसके बारे में कहा जाता है कि यहीं द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह रचा था जिसमें अर्जुन के बेटे अभिमन्यु को वीरगति मिली थी।

-अमीन महाभारतकालीन नगर है जो वर्तमान में थानेश्वर से करीब 8 किमी दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर है।
-कहा जाता है कि महाभारत युद्ध के समय गुरु द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह की रचना इसी अमीन नगर के पास की थी।
-इसी चक्रव्यूह को तोड़ते हुए ही अभिमन्यु ने यहीं वीरगति प्राप्त की थी।
-इसका विस्तृत वर्णन महाभारत के द्रोण पर्व के पेज 714-717 पर मिलता है।

पास की खाई में अर्जुन ने कर्ण को मारा था
-अमीन शब्द को अभिमन्यु से संबंधित कहा जाता है।
-इसी गांव के पास कर्णवेध नाम की एक खाई है जहां अर्जुन ने कर्ण को मारा था।
-अमीन गांव के पास ही एक जयधर जगह है जहां जयद्रथ को अर्जुन ने मारा था।

इसी जगह पर रचा गया था चक्रव्यूह, 7 महारथियों ने घेरकर मारा था अभिमन्यु

इसी जगह पर रचा गया था चक्रव्यूह, 7 महारथियों ने घेरकर मारा था अभिमन्यु

इसी जगह पर रचा गया था चक्रव्यूह, 7 महारथियों ने घेरकर मारा था अभिमन्यु

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NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR