रॉकेट से 30 मिनट में होगा दिल्ली से टोक्यो का सफर: SpaceX फाउंडर मस्क

अमेरिकी स्पेस कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन (SpaceX) दुनिया के बड़े शहरों के बीच लोगों को रॉकेट से सफर कराने का प्लान बना रही है। कंपनी का टारगेट है कि ये दूरी आधे से एक घंटे में पूरी हो। कंपनी के फाउंडर इलॉन मस्क ने कहा कि अगर हम चांद और मंगल पर रॉकेट भेज सकते हैं तो धरती पर लोगों को एक से दूसरे शहर क्यों नहीं भेज सकते? मस्क के कैल्कुलेशन के मुताबिक, रॉकेट के जरिए दिल्ली से टोक्यो (जापान) का सफर 30 मिनट में पूरा होगा। अगले 5 साल में मार्स पर भी कार्गो शिप भेजा जाएगा। बता दें कि 15 साल पहले शुरू हुई स्पेस एक्स एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और स्पेस ट्रांसपोर्ट सर्विस देती है। 2024 तक इंसानों के साथ कार्गो शिप मंगल पर पहुंचेगा…

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मस्क ने शुक्रवार को एडिलेड में स्पेस एक्सपर्ट्स के बीच कहा कि भविष्य के मार्स मिशन के लिए कंपनी करीब 6 महीने में खास तरह के रॉकेट (BFR) तैयार करने का काम शुरू करेगी, जो ट्रांसपोर्ट सिस्टम में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अभी हमारे पास छोटे रॉकेट हैं, लेकिन नया रॉकेट काफी बड़ा होगा। शायद यह अर्थ ऑर्बिट की हर जरूरत को पूरा कर सकेगा। उम्मीद है कि ये कार्गो शिप अगले 5 साल में लॉन्चिंग के लिए तैयार हो जाएगा।

– 2022 में कम से कम दो कार्गो शिप मंगलग्रह पर उतारे जाएंगे और यहां पानी की खोज का मिशन पूरा होगा। इसके अलावा रॉकेट मार्स पर पावर, माइनिंग और लाइफ सपोर्ट इन्क्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में काफी मददगार साबित होगा। भविष्य के मार्स मिशन के तहत 2024 में ऐसे ही 4 और शिप लोगों के साथ जरूरी सामान की सप्लाई लेकर वहां भेजे जाएंगे। इस दौरान स्पेस स्टेशन की मरम्मत भी होगी।

आधे से एक घंटे में तय होगी दुनिया के बड़े शहरों की दूरी

– मस्क ने आगे कहा कि रॉकेट के जरिए हम दुनिया के बड़े शहरों के बीच ट्रैवल टाइम को कम कर सकते हैं। मेरे कैल्कुलेशन के मुताबिक, कार्गो शिप के जरिए दिल्ली से जापान 30 मिनट और बैंकॉक से दुबई 27 मिनट में पहुंचाना संभव होगा। एक बार आप एटमोस्फेयर से बाहर गए तो वहां मौसम जैसी कोई रुकावट नहीं होती है। ऐसे में आधे से एक घंटे में ज्यादा दूरी तय की जा सकती है। अगर हम चांद और मंगल पर जाने के लिए रॉकेट बना सकते हैं तो धरती पर लोगों को एक से दूसरे स्थान पर क्यों नहीं भेज सकते हैं।

चांद पर पहला स्पेस स्टेशन बनेगा

– बता दें कि एडिलेड में एनुअल इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉटिकल कांग्रेस का आयोजन हुआ। इसमें एलन मस्क समेत दुनियाभर की सरकारी और प्राइवेट स्पेस एजेंसियों के लीडर शामिल हुए। इस दौरान सभी ने चांद और मंगल पर आने वाले कुछ दशकों में लोगों को भेजने पर चर्चा की।
– इस दौरान रूस की स्पेस एजेंसी Roscosmos और अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के बीच डीप स्पेस गेटवे के तहत चांद पर पहला स्पेस स्टेशन बनाने का एग्रीमेंट भी हुआ।

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क्या है स्पेस-एक्स?

– स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन (स्पेस-एक्स) यूएस की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और स्पेस ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी है।
– पेपाल और टेस्ला मोटर्स के फाउंडर और बिलेनियर साइंटिस्ट इलॉन मस्क ने 2002 में इसकी शुरुआत की।
– 2006 में नासा ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लॉजिस्टिक्स पहुंचाने के लिए स्पेस-एक्स को कॉन्ट्रैक्ट दिया। कंपनी मई, 2015 तक 6 मिशन कर चुकी है।

 

 

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR

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