US-ब्रिटेन भी मानते हैं हमारी बुलेटप्रूफ जैकेट का लोहा, सैकड़ों देशों में होती है एक्‍सपोर्ट

एक ही झटके में सामने वाले का काम तमाम करने वाली घातक बंदूकें बनाने का हुनर दुनिया के मुट्ठी भर देशों के पास है। लेकिन आपको शायद ही पता हो कि ऐसी घातक बंदूकों ने निकलने वाली गोलियों से किसी की जान बचाने की सबसे बेहतरीन टेक्‍नोलॉजी सिर्फ भारतीयों के पास है। हम बात कर रहे हैं बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट की।

आज हमारी बुलेटप्रूफ टेक्‍नोलॉजी का दुनिया लोहा मान रही है। यही कारण है कि यह पूरी दुनिया में काफी तेजी से पॉपुलर हो रही है। इस समय भारत में बने बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट 100 से ज्‍यादा देशों की 230 सेनाओं को एक्‍सपोर्ट हो रहे हैं। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे विकसित देश भी शामिल हैंं। इन जैकेट्स और हेलमेट ने कई मौकों पर अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिकों की जान भी बचाई है। भारत में कानपुर और फरीदाबाद जैसे शहरों में इनका बड़े पैमाने पर प्रोडक्‍शन होता है, जिन्‍हें दुनियाभर में एक्‍सपोर्ट किया जाता है।

1- ऐसी बनती है बुलेटप्रूफ जैकेट 
–    बुलेट प्रूफ जैकेट में मूल तौर पर दो लेयर होती हैं।
–    सबसे ऊपर सेरैमिक लेयर होती है।
–    उसके बाद बैलिस्टिक लेयर लगाई जाती है।
–    इन दोनों लेयर्स को मिलाकर जैकेट तैयार होती है।

जैकेट इस तरह करती है काम
–    जब कोई गोली बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराती है तो ऊपर होने के कारण सबसे पहले वह सेरैमिक लेयर से टकराती है।
–    बेहद मजबूत सेरैमिक लेयर से टकराते ही गोली का आगे का नुकीला सिरा टुकड़ों में टूट जाता है।
–    इसके चलते न सिर्फ गोली का फोर्स कम हो जाता है, बल्कि इससे नुकसान की आशंका कम हो जाती है।
–    बाकी का काम बैलिस्टिक लेयर करती है।
–    दरअसल सेरैमिक लेयर से टकराकर टूटने के बाद बड़ी तादाद में जो ऊर्जा निकलती है, उसे बैलिस्टिक लेयर सोख लेती है।
–    इसके चलते बुलेटप्रूफ पहने सैनिक को कम से कम नुकसान होता है।

कितने तरह की होती है जैकेट 
–    केवलर एक कॉमन मैटेरियल है, जिसका इस्‍तेमाल बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने में किया जाता है। इस मैटेरियल से बनी जैकेट और हेल्मेट को केवलर जैकेट या हेल्मेट कहा जाता है।
–    इसके अलावा जैकेट बनाने के लिए वेकट्रैन नाम के मैटेरियल का इस्‍तेमाल होता है।
–    इससे बनने वाले जैकेट और हेल्मेट को वेकट्रैन जैकेट या वेकट्रैन हेल्मेट के नाम से जाना जाता है।
–    वेकट्रैन जैकेट केवलर से मजबूत मानी जाती है।
–    इसके अलावा यह स्‍टील से 5 से 10 गुना मजबूत मानी जाती है।

इन देशों को होती है एक्‍सपोर्ट

–    भारत में बनने वाली सॉलिड बुलेटप्रूफ जैकेट 100 से ज्‍यादा देशों को सप्‍लाई होती है।
–    जिन बड़े देशों की सेनाओं द्वारा भारतीय बुलेट प्रूफ यूज की जाती है, उनमें ब्रिटेन, जर्मनी, स्‍पेन और फ्रांस जैसे देशों की आधुनिक सेनाएं भी शामिल हैं।

बुलेटप्रूफ जैकेट की क्‍या है कीमत 
–    क्‍वालिटी के हिसाब से बुलेटप्रूफ जैकेट की कीमत अलग-अलग हो सकती है।
–    सामान्‍य तौर पर एक जैकेट की कीमत 35,000 रुपए से शुरू होती है।
–    जैकेट की अधिकतम कीमत दो लाख रुपए तक होती है।
–    इस जैकेट का वजन 2.2 किलो के आसपास होता है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR