उम्र से पहले ही क्यों सफेद हो जाते हैं बाल और कैसे इससे बच सकते हैं?

बढ़ती उम्र के साथ बाल सफेद होना आम बात है, लेकिन आजकल कई लोग कम उम्र में ही सफेद बालों की प्रॉब्लम का सामना कर रहे हैं। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. संगीता मालू के अनुसार बॉडी में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी के कारण या बढ़ती उम्र के कारण एक खास तरह के पिगमेंट में कमी आने लगती है जो सफेद बाल की प्रॉब्लम का कारण बनता है। एक्सपर्ट बता रही हैं यह पिगमेंट क्या है? यह क्यों कम होता है।

क्यों होते हैं बाल सफेद?
बालों की जड़ों की सेल्स में मौजूद मेलानिन नामक पिगमेंट में कमी आने के कारण बाल सफेद होने लगते हैं। मेलानिन बालों को काला करने में हेल्पफुल होता है।

कैसे कम होता है मेलानिन पिगमेंट?
बढ़ती उम्र, स्ट्से, अनहेल्दी डाइट, पॉल्यूशन या किसी बीमारी के कारण मेलानिन बनना कम हो जाता है। इसके कारण बाल सफेद होने लगते हैं।

डाइट
डाइट में विटामिन B, आयरन, कॉपर और आयोडीन जैसे न्यूट्रीशन से भरपूर फूड्स शामिल करें। ये मेलानिन बनाने का काम करते है, जिससे सफेद बालों की प्रॉब्लम से बचा जा सकता है।

स्ट्रेस
लम्बे समय तक स्ट्रेस में रहने से बॉडी में कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हॉर्मोन बनने लगता है, जो फॉलिक पर बुरा असर डालता है। इसलिए स्ट्रेस दूर करने के लिए योगा और मेडीटेशन की हेल्प लें।

पॉल्युशन
बाहर निकलते ही धूल और केमिकल युक्त धुआं हमारे बालों में जमा हो जाता है, जिसके कारण बाल सफेद होने लगते हैं। इसलिए जब भी बाहर जाएं सिर ढ़क लें।

दवाएं
डिप्रेशन, मलेरिया की दवाएं और कुछ एंटीबायोटिक्स लम्बे समय तक लेने के कारण बाल सफेद हो सकते हैं। इसलिए इन दवाइयों का कम से कम यूज करें।

केमिकल
शैम्पू, कंडीशनस, कलर, ब्लीच और अन्य हेयर प्रोडक्ट्स में केमिकल्स की काफी मात्रा होती है, जो बालों को सफेद बनाती है। इन्हें अवॉइड करें।

हाइजीन
बालों की साफ-सफाई न रखने से स्कल्प पर बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। ये बैक्टीरिया फॉलिक पर बुरा असर डालते हैं, जिससे बाल सफेद होने लगते हैं। इससे बचने के लिए हफ्ते में 3 या 4 बार बालों को अच्छे शैम्पू से धोएं।

नींद
कम से कम 7 घंटे की नींद पूरी न होने से स्ट्रेस बढ़ने लगता है। इससे बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं। इससे बचने के लिए रेग्युलर पर्याप्त नींद लें।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR