आने वाली है सबसे तेज ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी, प्लेन से भी पहले पहुंचाएगी

अब तक ट्रांसपोर्टेशन के लिए 3 रास्तों का यूज किया जाता है। जिसमें जमीन पर चलने वाले व्हीकल, पानी के जहाज और ऐरोप्लेन है। लेकिन अब ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी आने वाली है जिसे हाइपर लूप कहते हैं।

  • इस टेक्नोलॉजी में एक स्टील के ट्यूब केअंदर कैप्सूलनुमा पॉड में बैठकर लोग सफर करेंगे।

  • ये स्टील का ट्यूब जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर या सुरंग में रहेगा।

  • इस स्टील ट्यूब में ऑलमॉस्ट वैक्यूम होगा और ये पॉड हवा में ही मूव करेंगे।

  • जिसकी वजह से बहुत कम एयर रजिस्टेंस मिलेगा और पॉड की स्पीड 900 से 1200 km/hr की रहेगी, जो कि एयरोप्लेन से भी तेज है।

  • ये बैटरी बेस्ड सिस्टम होगा जो सोलर एनर्जी से चलेगा।

  • जिससे एयर और नॉइस पॉल्यूशन नहीं होगा।

  • इसमें ट्रेवलिंग का खर्च बहुत कम होने की उम्मीद है।

सबसे पहले 2012 में टेस्ला एंव स्पेस एक्स के संस्थापक इलोन मस्क ने इस कंसेप्ट के बारे में बात की, जो कि रॉकेट और स्पेस शटल बनाते हैं।

  • 2014 में उन्होंने हाइपर लूप पर काम करना शुरू कर दिया और दूसरी कंपनियों को इंवेस्टमेंट के लिए इनवाइट किया।

  • 2016 में उन्होंने नेबाडा रेगिस्तान में तीन किलोमीटर के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया।

  • अब तक इसके दो टेस्ट हो चुके हैं। अब दूसरी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है।

  • उम्मीद की जा रही है कि 2021 में ये टेक्नोलॉजी इंडिया के साथ ही दूसरे देशों में उपलब्ध हो जाएगी।

 

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR