एंड्रॉयड पर आया वायरस, WhatsApp के जरिए मैसेज, कॉन्टेक्ट और कॉल डिटेल्स निकाल सकता है

एंड्रॉयड में दो तरह के वायरस ने अटैक किया है, जो जासूसी वायरल यानी स्पाईवैयर हैं। स्पाईवैयर के रिसर्चर ने इस बात का दावा किया है। रिसर्चर के मुताबिक, इन दो वायरस में से एक को भारत में बनाया गया है। ये स्पाईवैयर व्हाट्सऐप चैट के जरिए एंड्रॉयड फोन में सेंध लगाते हैं, जिसके बाद यूजर्स की चैट, कॉन्टेक्ट और कॉल डिटेल्स समेत फोन में मौजूद सारी जानकारी को चुरा सकते हैं।

इंटरनेट सिक्योरिटी पर काम करने वाली संस्था ESET के रिसर्चर ने इन स्पाईवैयर की खोज की है। ESET के रिसर्चर लूकास स्टिफैंको के मुताबिक, ये स्पाईवैयर यूजर्स के फोन को हैक करने और प्राइवेट चैट्स, सीक्रेट डेटा और पर्सनल डेटा को आसानी से चुरा सकते हैं।

फोन से क्या-क्या चुरा सकता है ये वायरस?

लूकास स्टिफैंको ने ट्वीट कर बताया है कि ये वायरस कितना खतरनाक हो सकता है। इस वायरस के एक बार अटैक करने के बाद यूजर्स की प्राइवेसी खत्म हो सकती है। दावा है कि इस वायरस को भारत में बनाया गया है।

    • ये वायरस यूजर्स की ब्राउजिंग हिस्ट्री, फोटो, व्हाट्सऐप चैट, फाइल्स, कॉन्टेक्ट, मैसेज, बैटरी स्टेटस की जासूसी कर सकता है।

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दूसरा वायरस फर्जी ऐप से आया

    • लूकास ने एक और ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि दूसरा वायरस फर्जी वाइबर (Viber) ऐप से गूगल प्ले स्टोर में आया है।

    • उन्होंने बताया कि ये वायरस व्हाट्सऐप मीडिया और डॉक्यूमेंट फाइल्स, वीचैट मीडिया, फोटो, डाउनलोडेड फाइल्स को चुराने के साथ-साथ फोन कॉल भी रिकॉर्ड कर सकता है।

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OwnMe वायरस से भी एंड्रॉयड यूजर्स को खतरा

    • वहीं ZDNet ने G-डेटा सिक्योरिटी लैब्स की तरफ से की गई रिसर्च के हवाले से एक और वायरस की जानकारी दी है। इस रिसर्च के मुताबिक, इस वायरस का कोडनेम ‘OwnMe’ बताया गया है, जो एंड्रॉयड यूजर्स के लिए खतरनाक है।

    • अगर इस वायरस ने यूजर्स के फोन पर अटैक किया तो ये उनकी जासूसी कर सकता है। साथ ही ये भी बता सकता है कि यूजर ने कौन-सा यूआरएल खोला और किस-किस वेबसाइट को विजिट किया।

अभी ये वायरस डेवलमेंट स्टेज पर है

    • रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये वायरस किसी एंड्रॉयड फोन पर अटैक करते हैं, तो उसका मैसेज यूजर को दिया जाता है। इस मैसेज में लिखा आता है ‘Service Started’।

    • इससे पता चलता है कि ये वायरस अभी डेवलपमेंट स्टेज पर हैं, क्योंकि अगर वायरस बन चुका होता तो ये इस तरह का मैसेज नहीं देता।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR