सरकार ने लगाए 10 हजार सहजन पौधे, इनकम के साथ बीमारी को रोकने में मिलती है मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर खादी विलेज इंडस्ट्री कमीशन (KVIC) द्वारा शुरू किए गए हनी मिशन के पूरक के तौर पर मंगलवार को वाराणसी में 10,000 पौधे लगाए गए। इन पौधों को सहजन (ड्रमस्टिक) कहा जाता है। सहजन का इस्तेमाल कैंसर सहित कई बीमारियों को रोकने में किया जाता है। यह पौधे वाराणसी जिले के गांधी आश्रम सेवापुरी से कस्तूरबा गर्ल्स इंटर कॉलेज तक सड़क के दोनों किनारों लगाए गए। इन पौधों से अच्छी खासी कमाई की जा सकती है। हम आपको बताएंगे कि सहजन की खेती कैसे की जाती है और इससे कैसे इनकम की जा सकती है।

मेडिसनल प्लांट है सहजन 
KVIC के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना, जो इस समारोह के मुख्य अतिथि थे, ने कहा कि भारत भर के कई हिस्सों में ड्रमस्टिक की खेती की जाती है। ड्रमस्टिक पेड़, बीज, फली, फल और फूलों सभी में औषधीय गुण होते हैं क्योंकि इसमें एंटी-कैंसर जैसे तत्व होते हैं। मधुमेह के लिए यह वरदान है। साथ ही विटामिन-बी जैसे नियासिन, रिबोफाल्विन और विटामिन बी 12 के लिए भी सहजन बहुत उपयोगी है। इससे हमारे पाचन में भी सुधार होता है।

एक एकड़ में कर सकते हैं खेती 
अगर आपके पास एक एकड़ जमीन है तो फि‍र आप बिना नौकरी किए इससे अच्‍छी खासी कमाई कर सकते हैं। इतनी जमीन में आप सहजन की खेती कर 6 लाख रुपए सालाना तक कमा सकते हैं। इसका वैज्ञानि‍क नाम मोरिंगा ओलीफेरा है। इसकी खेती में पानी की बहुत जरूरत नहीं होती और रख-रखाव भी कम करना पड़ता है। एग्रोग्रेन फार्फिंग के एक्‍सपर्ट राकेश सिंह के मुताबि‍क, सहजन की खेती काफी आसान पड़ती है और आप बड़े पैमाने नहीं करना चाहते तो अपनी सामान्‍य फसल के साथ भी इसकी खेती कर सकते हैं।

सहजन की खेती

यह गर्म इलाकों में आसानी से फल फूल जाता है। इसको ज्‍यादा पानी की भी जरूरत नहीं होती। सर्द इलाकों में इसकी खेती बहुत प्रॉफि‍टेबल नहीं हो पाती, क्‍योंकि इसका फूल खि‍लने के लि‍ए 25 से 30 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। यह सूखी बलुई या चिकनी बलुई मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है। पहले साल के बाद साल में दो बार उत्‍पादन होता है और आम तौर पर एक पेड़ 10 साल तक अच्‍छा उत्‍पादन करता है। इसकी प्रमुख कि‍स्‍में हैं – कोयम्बटूर 2, रोहित 1, पी.के.एम 1 और पी.के.एम 2

 

इतनी हो सकती है कमाई

एक एकड़ में करीब 1,500 पौधे लग सकते हैं। सहजन के पेड़ मोटे तौर पर 12 महीने में उत्‍पादन देना शुरू कर देते हैं। पेड़ अगर अच्‍छी तरह से बढ़ते हैं तो 8 महीने में ही तैयार हो जाते हैं। कुल उत्‍पादन 3000 कि‍लो तक हो जाता है। सहजन का फुटकर रेट आमतौर पर 40 से 50 रुपए प्रति किलो रहता है। थोक में इसका रेट 25 रुपए के आसपास होता है। इस तरह से साल में 7.5 लाख रुपए का उत्‍पादन हो सकता है। अगर इसमें से लागत निकाल दें तो 6 लाख रुपए तक का फायदा हो सकता है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR