एपल-सैमसंग पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना, पुराने फोन जानबूझकर धीमे करने का आरोप

  • एपल को 83 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भरनी होगी

  • सैमसंग पर 41 करोड़ रुपए का जुर्माना, फैसले के खिलाफ अपील करेगी कंपनी

रोम. इटली की कंज्यूमर अथॉरिटी ने एपल और सैमसंग पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। दोनों कंपनियों पर आरोप है कि वे अपने पुराने फोन जानबूझकर धीमे कर देती हैं। एपल पर 10 मिलियन यूरो (83.46 करोड़ रुपए) और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो (41.73 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा दोनों कंपनियों को अपनी इटैलियन वेबसाइट पर अथॉरिटी के फैसले की जानकारी देनी होगी।

मॉलफंक्शन से धीरे-धीरे धीमे होते हैं फोन

  1. इटैलियन अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही कंपनियां गलत व्यापारिक नीतियों के तहत काम कर रही हैं। वे सॉफ्टवेयर अपडेट करने के बहाने पुराने फोन धीमे कर देती हैं।

  2. इटैलियन अथॉरिटी के मुताबिक, कई तरह के मॉलफंक्शन से कंपनियां धीरे-धीरे फोन की परफॉर्मेंस घटा देती हैं। दोनों कंपनियों की यह हरकत यूजर्स को नए मोबाइल खरीदने के लिए उकसाती है।

  3. अधिकारियों का कहना है कि नया ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर अपडेट करके कंपनियां यूजर्स को सहूलियत दे सकती हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करतीं। एपल और सैमसंग नए सॉफ्टवेयर को नए फोन में ही देना पसंद करती हैं।

  4. सैमसंग ने आरोपों को नकारा

    सैमसंग ने कहा कि वह इटली के इस फैसले से निराश है और कंपनी इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि गैलेक्सी नोट-4 की परफॉर्मेंस घटाने के लिए कंपनी ने कोई भी सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किया। कंपनी अपने ग्राहकों को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए ही सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करती है।

  5. सूत्रों का कहना है कि एपल पर सैमसंग से ज्यादा जुर्माना इसलिए लगाया गया है, क्योंकि कंपनी ने अपने ग्राहकों को आईफोन की बैटरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी। साथ ही, यह भी नहीं बताया कि यूजर्स अपने फोन को ज्यादा दिन कैसे चला सकते हैं।

  6. पिछले साल एपल ने पुष्टि की थी कि आईफोन के कई पुराने मॉडल अपनी बैटरी की वजह से धीमे हो रहे हैं। इसके बाद फोन की उम्र बढ़ाने का मुद्दा उठा था। वहीं, कुछ ग्राहकों ने दोनों कंपनियों के खिलाफ शिकायत की थी।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR