युवाओं के लिए मिसाल हैं नितिन कुमार, मधुमक्खी पालन से कमा रहे सालाना 40 लाख

मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले युवा जहां नौकरी और बेहतर अवसर के लिए बड़े शहरों में पलायन कर रहे हैं। वहीं लखनऊ यूनीवसिर्ट से एमबीए करने वाले नितिन कुमार सिंह ने  युवाओं के सामने एक मिसाल पेश की है। नितिन ने मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाए अपने गांव में ही मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया और आज वे मधुमक्खी पालन से सालाना 40 लाख रुपए कमा रहे हैं।

उद्यान विभाग के सहयोग से शुरू किया मधुमक्खी पालन 

नितिन कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में खदनिया गांव के निवासी हैं। नितिन कुमार ने बताया कि मैने लखनऊ यूनीसवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। इसके बाद उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार यादव और मिशन प्रभारी घनश्याम सिंह के सहयोग से मधुमक्खी पालन शुरू किया। वर्ष 2015-16 में उद्यान विभाग के सहयोग से 50 मौनालय प्राप्त किए। इससे कुल 1 टन शहद का उत्पादन हुआ। इसके अलावा मधुमक्खी के दूसरे उत्पाद जैसे मोम, पराग और परपोलिस का उत्पादन भी किया। इससे कुल 3 लाख रुपए की आय हुई।

1200 मौनालय में किया मधुमक्खी पालन 

नितिन कुमार ने बताया कि पहली बार में सफलता मिलने पर मौनालय की विस्तार किया और 1200 मौनालय में मधुमक्खी पालन किया। इससे कुल 40 टन शहद का उत्पादन हुआ। इससे कुल 40 लाख रुपए की आय हुई। इसके अलावा मैनें शहद उत्पादन के लिए दूसरे प्रदेशों में भी काम किया, जिससे दूसरे तरह के शहद भी प्राप्त हो सकें। जैसे लीची के शहद के लिए बिहार, सरसो के शहद के लिए राजस्थान और जंगली फूलों के शहद के लिए पश्चिम बंगाल में भी काम किया।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR