रक्तदान से नहीं होती कमजोरी, यह सिर्फ एक भ्रांति है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत में सालाना एक करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत होती है। लेकिन करीब 75 प्रतिशत रक्त ही उपलब्ध हो पाता है, जिसके कारण लगभग 25 लाख यूनिट खून के अभाव में हर साल सैकड़ों मरीज़ों की जान चली जाती है।
सवा अरब आबादी वाले भारत देश में रक्तदाताओं का आंकड़ा कुल आबादी का एक प्रतिशत भी नहीं है, जिसका एक बड़ा कारण है रक्तदान से जुड़ी जागरुकता का ना होना।

जानिए रक्तदान से जुड़े कुछ सवालों के जवाब

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1. स्वैच्छिक रक्तदान क्या है? और इसे प्रधानता क्यों दी जाती है?

व्यक्ति जब अपनी इच्छा से बिना किसी आर्थिक लाभ के रक्त देता है तो उसे स्वैच्छिक रक्तदान कहते हैं। सामान्यतः स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त अनेक संक्रमणों जैसे हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया, सिफलिस एवं एच.आई.वी. /एड्स से  मुक्त होता है। व्यवसायिक रक्तदाता जो केवल धन कमाने की इच्छा रखते हैं, यौन रोग, हेपेटाइटिस तथा एड्स जैसे संक्रामक रोगों से ग्रसित हो सकते है एवं रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकते हैं।

2. क्या मानव रक्त का कोई विकल्प है?

कृत्रिम रक्त बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं पर अभी तक इसका कोई कारगर विकल्प नहीं मिला। है। रक्तदान ही एकमात्र उपाय है।

3. रक्तदान कौन कर सकता है?

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच हो, वज़न 45 किलोग्राम या अधिक हो तथा हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो, रक्तदान कर सकता है।

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4. मुझे रक्तदान क्यों करना चाहिए? और इससे मुझे क्या लाभ होगा?

 मानव जीवन की रक्षा के लिए हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि उन लोगों की मदद करें, जिन्हें रक्त की आवश्यकता है।
रक्तदान करने से आपको चार लाभ होंगे।
1. आपको किसी का जीवन बचाने पर आत्मसंतोष होता है।
2. रक्तदान करने से आपके शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
3. शोध से पता चलता है कि रक्तदान करने से रक्तदाता के शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित होती है और ह्रदय रोग की संभावना कम हो जाती है।
4. आवश्यकता होने पर आपको स्वयं के लिए या आपके परिवार के किसी सदस्य के लिए रक्तकोष से रक्त लेने में प्राथमिकता दी जाएगी।

दान किया गया रक्त किसके काम आता है? 

– दुर्घटना के शिकार लोगों के जीवन की रक्षा के लिए। 

– शल्य चिकित्सा के समय । 

– खून की कमी या ‘एनीमिया’ के मरीज़ों के लिए।

– शिशु के जन्म के समय आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती माताओं के लिए।

– आर.एच.निगेटिव माताओं के शिशुओं की जीवन रक्षा के लिए। 

– कैंसर, थैलिसीमिया आदि के मरीजों के लिए।

5. मैं रक्तदान कहाँ कर सकता हूँ? और इसमें कितना समय लगता है?

आप लायसेंसीकृत सरकारी अस्पताल के रक्तकोष अथवा रेडक्रास सोसायटी के रक्तकोष में रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान में सिर्फ 5 मिनट का समय लगता है। रक्तदान केन्द्र में पंजीकरण से अल्पाहार करने तक कुल आधे घण्टे का समय लग सकता है।

6. क्या रक्तदान के बाद विश्राम या विशेष भोजन की आवश्यकता होती है?

रक्तदान के बाद केन्द्र में व्यतीत किया गया मात्र आधे घण्टे का समय पर्याप्त है तथा रक्तदान के उपरांत विशेष भोजन की कोई आवश्यकता नहीं होती है। रक्तदाता रक्तदान के बाद सामान्य दिनचर्या जारी रख सकते हैं।

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7. दान किये गये रक्त की प्रतिपूर्ति में कितना समय लगता है?

रक्तदाता से एक बार में 300 से 400 मि.ली. रक्त लिया जाता है जो शरीर में उपलब्ध रक्त का लगभग 15 वां भाग होता है।  शरीर में रक्तदान के तत्काल बाद दान किये गये रक्त की प्रतिपूर्ति करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है तथा लगभग 24 घंटे में दान किये गये रक्त की प्रतिपूर्ति हो जाती है। शरीर में प्रवाहित होने वाले रक्त का आयतन रक्तदान से अप्रभावित रहता है क्योंकि रक्तदान में दिये गये रक्त के स्थान पर शरीर में संग्रहित रक्त तत्काल आ जाता है।

8. कोई भी व्यक्ति कितने अंतराल के बाद दुबारा रक्तदान कर सकता है?

 कोई भी व्यक्ति 3 माह के अंतराल से रक्तदान कर सकता है। ऐसे अनेक व्यक्ति हैं जो अपने जीवनकाल में 50 से 100 बार तक रक्तदान कर चुके हैं।

9. यह कैसे जाना जा सकता है कि कोई व्यक्ति रक्तदान करने के योग्य है या नही?

रक्तदान के पहले चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण करता है। इस परीक्षण से जाना जा सकता है कि व्यक्ति रक्तदान के योग्य है या नहीं।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR