2019 में होंगे ये 10 इनोवेशन, बदल जाएगा जीने का तरीका

नए साल में टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई तरह के नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 2019 में कई ऐसी नई टेक्नोलॉजी आने की उम्मीदें हैं, जिसका सीधा-सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ेगा। नई टेक्नोलॉजी न सिर्फ हमारे जीने का तरीका बदल देंगी, बल्कि हमारे काम करने का तरीका भी बदल जाएगा। नए साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 5G, क्लाउट कम्प्यूटिंग जैसी टेक्नोलॉजी का प्रसार देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं, ऐसी कौन-कौन सी टेक्नोलॉजी हैं जो 2019 में आने की तैयारी कर रही हैं।

  • फोल्डेबल स्मार्टफोन

    फोल्डेबल स्मार्टफोन

    2018 में ही रोयल कंपनी ने दुनिया का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन ‘फ्लेक्सपाई’ लॉन्च किया था, जिसके बाद सैमसंग ने भी अपने पहले फोल्डेबल फोन का प्रोटोटाइप पेश किया था। इसे फरवरी-मार्च में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। सैमसंग के अलावा हुवावे, एलजी, ओप्पो और वीवो समेत कई स्मार्टफोन कंपनियां फोल्डेबल फोन लॉन्च कर सकती हैं।

  • 5G फोन

    5G फोन

    5G कनेक्टिविटी को लेकर दुनियाभर में काफी तेजी से काम हो रहा है और 2019 में दुनिया को पहला 5G फोन मिलेगा। सैमसंग पहले ही बता चुकी है कि वो वेरिजोन के साथ मिलकर 5G फोन लेकर आएगी, जिसे जून तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, वनप्लस, श्याओमी, वीवो, ओप्पो और हुवावे भी 5G फोन पर काम कर रही हैं। माना जा रहा है कि 5G फोन आने के बाद इंटरनेट की स्पीड मौजूदा नेटवर्क से 100 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। हालांकि, भारत में इन्हें आने में और ज्यादा समय लग सकता है।

    ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ेगा

    ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ेगा

    कई कंपनियां ड्रोन की नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं। ड्रोन को पहले से ज्यादा छोटा और ज्यादा कन्वर्टिबल बनाने पर काम हो रहा है। वहीं, अमेरिका समेत कई देशों की सरकारें भी ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद कर रही हैं। भारत में भी नई ड्रोन पॉलिसी लागू हो चुकी है, जिसके बाद ड्रोन का इस्तेमाल कमर्शियल यूज के लिए किया जा सकता है। 2019 में ड्रोन का इस्तेमाल फूड या सामान की डिलिवरी में भी होने की उम्मीद है।

    एआई और मशीन लर्निंग

    एआई और मशीन लर्निंग

    2019 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। एआई की मदद से कंपनियां वर्कफ्लो को बढ़ा सकती हैं, जिससे उनका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। इसलिए 2019 में इनका इस्तेमाल सकता है। कई क्षेत्रों में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और 2019 में इसका इस्तेमाल हेल्थ, साइबर सिक्योरिटी, सपोर्ट सर्विस, एग्रीकल्चर, ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ेगा।

    रियलिस्टिक रोबोट

    रियलिस्टिक रोबोट

    रोबोटिक्स की दुनिया में रोज नए-नए इनोवेशन हो रहे हैं और 2018 में भी कई तरह के इनोवेशन हुए। लेकिन 2019 में, रियलिस्टिक रोबोट देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इंसानों की तरह दिखने वाले और उनकी तरह व्यवहार करने वाले रोबोट पर काफी समय से काम हो रहा है, लेकिन 2019 में इनका इस्तेमाल रोजाना के कामों में किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसे रोबोट भी देखने को मिल सकते हैं जो न सिर्फ इंसानों की तरह दिखने और व्यवहार करने वाले होंगे बल्कि इंसानों की तरह ही महसूस भी कर सकेंगे। हमारे सामने कई ऐसे रोबोट होंगे जो हमारी भाषा, इशारे, भावनाएं समझ सकेंगे।

    वर्चुअल असिस्टेंट

    वर्चुअल असिस्टेंट

    2018 में वर्चुअल असिस्टेंट को तेजी से अपनाया गया है, लेकिन अभी इसका इस्तेमाल ज्यादा बड़े स्तर पर नहीं हो रहा है। माइक्रोसॉफ्ट में लोकलाइजेशन के डायरेक्टर बालेन्दु शर्मा दाधीच के मुताबिक, कम्प्यूटर, मोबाइल, कारों और दूसरे गैजेट्स के जरिए काम करने वाले वर्चुअल असिस्टेंट हमारे लिए सिनेमा या ट्रेवल टिकट बुक करने, मीटिंग तय करने, हेल्थ पर नजर रखने, ट्रैफिक और मौसम की भविष्यवाणी करने और भी कई तरह की बातों पर ध्यान दिलाने में हमारी मदद करेंगे।

    ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

    ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

    हाल ही में, ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि फेसबुक एक डिजिटल करंसी पर काम कर रहा है जिसकी मदद से यूजर्स वॉट्सऐप के जरिए ही ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। फेसबुक के अलावा, दुनिया की कई बड़ी कंपनियां ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। हालांकि, 2018 में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पिट गई थी लेकिन 2019 में फिर से वापसी कर सकती है।

    क्लाउड कम्प्यूटिंग

    क्लाउड कम्प्यूटिंग

    बालेन्दु शर्मा कहते हैं, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर, अमेजन वेब सर्विसेस और गूगल क्लाउट जैसी क्लाउड सर्विसेस की दिशाओं में कंपनियों का झुकाव बढ़ेगा और गैर-सरकारी क्लाउड पर सरकारों का भरोसा भी बढ़ेगा। इस साल इंटेलिजेंट एज में भी क्लाउड के विक्लप के तौर पर दिलचस्पी बढ़ेगी, हालांकि भारत में ऐसे प्लेटफॉर्म के आने में 2021 तक का वक्त लगेगा।

    सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ेगी

    सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ेगी

    फेक न्यूज और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार वॉट्सऐप-फेसबुक पर पहले ही दवाब डाल रही हैं और 2019 में भी इसी तरह के हालात रहेंगे। इसके साथ ही गूगल और फेसबुक पर भी यूजर्स के डेटा को मैनिपुलेट करने के आरोप लगे हैं, इसलिए इनपर भी दवाब बढ़ेगा। बालेन्दु शर्मा ने बताया सुरक्षा एजेंसियों के सामने मौजूद डिजिटल चुनौतियां बढ़ेंगी इसलिए सोशल मीडिया और गैजेट्स की निगरानी बढ़ेगी।

    इंटरनेट ऑफ थिंग्स

    इंटरनेट ऑफ थिंग्स

    भारत में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है और इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी आईओटी ऑक्सीजन की तरह काम करेगा। आईओटी की मदद से ऐसे स्मार्ट सिस्टम तैयार किए जाने की उम्मीद है, जो इंसानों की मदद के बिना ही काम करेंगे। आईओटी की मदद से कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इंटरनेट के जरिए समय से पहले काम कर सकती है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR