1 जनवरी से बदल गया है इन तीन बैंकों का नाम, आप भी जान लीजिए

विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने तीन और बैंकों के विलय की मंजूरी दे दी है। पंजाब एंड सिंध बैंक ने बाजार नियामक सेबी को यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के विलय को मंजूरी दे दी है। इन तीनों बैंक के विलय के बाद एक नया क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) बनेगा। यह विलय 1 जनवरी 2019 से लागू हो गया है।

इन तीन बैंकों का हुआ है विलय
पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से सेबी को दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने पंजाब ग्रामीण बैंक, मालवा ग्रामीण बैंक और सतलुज ग्रामीण बैंक के विलय को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार ने विलय की यह मंजूरी इन बैंकों के स्पॉन्सर बैंकों की सलाह के बाद दी है। पंजाब एंड सिंध बैंक के अनुसार, केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नया क्षेत्रीय बैंक 1 जनवरी 2019 से अस्तित्व में आ गया है।

ये हैं इन RRB के स्पॉन्सर
सेबी को दी गई जानकारी के अनुसार, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रुरल डवलपमेंट (नाबार्ड), गवर्नेंट ऑफ पंजाब, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक इन तीनों क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के स्पॉन्सर हैं।

ग्राहकों पर पड़ेगा यह असर
इन तीनों क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के विलय से ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा। इस विलय के बाद बनने वाले नए बैंक का नया नाम होगा। इस कारण इन तीनों बैंकों के ग्राहकों की पासबुक और चेकबुक बदल जाएगी। ग्राहकों को नए बैंक से नई पासबुक और चेकबुक लेनी पड़ेगी। इसके अलावा ग्राहकों को नई कस्टमर आईडी मिलेगी। ग्राहकों को दोबारा केवाईसी भी करानी पड़ सकती है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR