सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण: यदि ये दस्तावेज हैं आपके पास तभी ले पाएंगे इसका फायदा

सोमवार को मोदी सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही है। इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गया।

आम चुनाव का समय बेहद करीब है और उससे पहले केंद्र सरकार ने नाराज चल रहे सवर्णों की नाराजगी दूर करने के लिए एक मास्टर स्ट्रॉक लगा दिया है। दरअसल सोमवार को मोदी सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही है। इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गया है। जहां एक ओर भाजपा शासित राज्यों के नेता और मुख्यमंत्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने इसे चुनावी जुमला करार दिया।

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी ऊंची जाति को आकर्षित करने के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षा संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। अब सरकार के इस फैसले का लाभ उठाने के लिए आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेजों का होना जरूरी है। यदि आपके पास नहीं है तो तत्काल उसे बनवा लें। आरक्षण का लाभ लेने के लिए आपके पास सबसे पहले आय प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके अलावे जो दूसरी जरूरी जस्तावेज हैं उनमें से जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड और पैन कार्ड भी जरूरी हो सकता है। साथ ही बैंक पासबुक और इनकम टैक्स रिटर्न की भी आवश्कता पड़ सकता है।

संविधान में करना होगा संशोधन

आपको बता दें कि मोदी सरकार के इस आरक्षण के फैसले के बाद से सवर्णों में खुशी है। बता दें कि सरकार के इस फैसले से उन सवर्णों का आरक्षण का लाभ मिलेगा जिनकी सलाना आय आठ लाख रुपए से कम है। हालांकि अभी इसका फायदा सवर्णों को तभी मिल पाएगा जब संविधान में संशोधन किया जाएगा। इस बाबत सरकार संभवत: मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन संविधान संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दूसरे दलों के समर्थन की भी आवश्यकता होगी।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR