चाणक्य नीति में बताया है कि इन 5 कामों में नहीं करनी चाहिए कंजूसी, इनसे मिलता है डबल फायदा

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कई ऐसी बातें बताई हैं जिन्हे अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को खुशहाल बता सकता है। एक नीति श्लोक के जरिए चाणक्य ने बताया है कि किन चीजों में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि कुछ काम दिल खोलकर करने चाहिए। कौन-से हैं ये काम और क्या हैं इन्हें करने के लाभ आइए जानते हैं।

  • मीठी वाणी –  यानी सभी के साथ प्यार से बात करना। इस काम में कभी भी कंजूसी नहीं करनी चाहिए। प्यार से बात करने पर आपकी अपनी ही लोकप्रियता में वृद्धि होती है।

  • दान देना –  हर धर्म में दान करने और जरूरतमंदों की मदद करने की बात कही गई है। कहते हैं कि सुपात्र को दान करने से धन-संपदा में कभी कमी नहीं आती बल्कि ऐसे दान से धन वृद्धि होती है।

  • ज्ञान लेने में –  ज्ञान प्राप्ति में कभी भी कंजूसी नहीं करनी चाहिए और न ही किसी को ज्ञान देने में। अगर हमारी मदद से किसी को जीवन में नई राह मिल जाए तो यह पुण्य का काम है।

  • काम करने में – हमें कभी भी काम करने से मन नहीं चुराना चाहिए। आचार्य कहते हैं कि लगातार मेहनत करने से हम कार्यों में निपुण होते जाते हैं।

  • खाना खिलाने में – भूखा व्यक्ति है, जिसके बारे में आपको पता है तो उसे भोजन अवश्य कराना चाहिए। ऐसा करने से प्रसन्नता और पुण्य दोनों में वृद्धि होती है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR