मीठी तुलसी के कारोबार में मोटी कमाई का सुनहरा मौका, पहले साल लगाएं, सालों तक कमाएं

2022 तक किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अब परंपरागत खेती को छोड़कर नकदी फसलों पर ज्यादा फोकस कर रही है। इसको लेकर नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड (एनएमपीबी) भी काम कर रहा है। एनएमपीबी किसानों को स्टीविया यानी मीठी तुलसी की खेती करने पर जोर दे रहा है। नकदी फसल होने के साथ-साथ सरकार इस पर सब्सिडी भी दे रही है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। खास बात यह है कि एक बार लगाने पर आप मीठी तुलसी के पौधे से पांच साल तक फसल ले सकते हैं।2022 तक 1000 करोड़ का होगा स्टीविया का बाजारभारतीय कृषि विश्वविद्यालय के एक शोध के अनुसार, स्टीविया यानी मीठी तुलसी में चीनी के मुकाबले 200 से 300 गुना ज्यादा मिठास होती है। इस कारण यह चीनी का विकल्प बनता जा रहा है। जानकारों का मानना है कि 2022 तक भारत में स्टीविया का बाजार करीब 1000 करोड़ रुपए का होगा। इसका फायदा किसानों को दिलाने के उद्देश्य से एनएमपीबी ने भी किसानों को इसकी खेती के लिए प्रेरित करना शुरू किया है। एनएमपीबी ने स्टीविया की खेती करने वाले किसानों को 20 फीसदी सब्सिडी देने की भी घोषणा की है।

मोटापे-मधुमेह का नहीं रहेगा डर

भारतीय कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार, मीठी तुलसी की पत्तियों में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस समेत कई प्रकार के खनिज होते हैं। इस कारण यह चीनी से अधिक मीठी होने के बाद भी नुकसानदायक नहीं है। प्राकृतिक होने के कारण इसके सेवन के बाद मोटापे और मधुमेह का डर भी नहीं है। कई दवा और सौंदर्य प्रसाधन कंपनियां अपने उत्पादों में मीठी तुलसी का इस्तेमाल कर रही हैं। आपको बता दें कि चीन के बाद भारत सबसे ज्यादा मधुमेह की समस्या से ग्रसित है। इस समय भारत में करीब 7 करोड़ लोग मधुमेह की समस्या से परेशान हैं।

5.5 लाख रुपए कुंतल से शुरू होती है कीमतभारत में स्टीविया यानी मीठी तुलसी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। आज देश में करीब 800 व्यापारी मीठी तुलसी का व्यापार करते हैं। इन छोटे-बड़े व्यापारियों ने इंडियन स्टीविया एसोसिएशन की स्थापना भी की है। यह एसोसिएशन भी भारत में स्टीविया की खेती को बढ़ाने में प्रयासरत है। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्टीविया 5.5 लाख से लेकर 6.5 लाख रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से बेची जाती है। मीठी तुलसी का कारोबार करने वाली फर्म प्योरसर्किल दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के प्रमुख नवनीत सिंह के मुताबिक इस समय इसका वैश्विक कारोबार 20 से 50 करोड़ डॉलर का है और अभी इसमें सालाना 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR