डिलीवरी के तुरंत बाद न काटे गर्भनाल, बच्चा बनेगा चाणक्य से भी ज्यादा होशियार

हर मां-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा तेज दिमाग वाला और होशियार हो। अगर आप भी यही सोचते हैं तो बच्चे के जन्म के समय मां से जुड़ी हुई नाभि को काटते समय कुछ बातों का ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है।

1.वल्र्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन यानि डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक जिन बच्चों की गर्भनाल जन्म के कुछ समय बाद काटी जाती है, वो होशियार बनते हैं। उनका दिमाग ज्यादा एक्टिव होता है।

2.गर्भनाल काटने की इस प्रक्रिया को मेडिकल सांइस में कॉर्ड क्लैम्पिंग के नाम से जानते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगर मां से जुड़ी हुई बच्चे की नाभि को अगर जन्म के एक मिनट बाद व नाभि का फड़कना बंद करने पर काटा जाए तो बच्चे को कई स्वास्थ लाभ होते हैं।

3.डब्ल्यूएचओ के मुताबिक बच्चा अपनी मां से नाभि से जुड़ा होता है, इसलिए उसे पोषक तत्व इसी के जरिए मिलता है। इस वजह से नाभि को समय से काटने पर बच्चे के शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या ज्यादा होती है।

4.रिपोर्ट के अनुसार जिन बच्चों की कॉर्ड क्लैम्पिंग एक मिनट या उससे देरे में की जाती है तो बच्चा हष्ट-पुष्ट रहता है। उसकी इम्यून पावर बेहतर होती है जिसकी वजह से उसे जल्दी बीमारी नहीं जकड़ पाएंगी।

5.तथ्यों के अनुसार नाभि को सही समय पर काटने से न सिर्फ स्वास्थ बल्कि इसका बच्चे के व्यक्तिव पर भी बहुत असर पड़ता है। ऐसे बच्चों की मानसिक स्थिति बहुत मजबूत होती है।

6.ऐसे बच्चे चीजों को जल्दी समझ लेते हैं। उनका मस्तिष्क दूसरे लोगों के मुकाबले ज्यादा तेज होता है। इसलिए उनका दिमाग चाणक्य से भी ज्यादा तेज चलता है। इनकी स्मरण शक्ति भी काफी अच्छी होती है।

7.रिपोर्ट के मुताबिक सही समय पर गर्भनाल काटे जाने से बच्चा काफी व्यवहारिक होता है। चूंकि वो चीजों को बेहतर ढ़ंग से समझता है इसलिए उसका सामाजिक बर्ताव भी अच्छा रहता है।

8.जिन बच्चों की कार्ड क्लैम्पिंग सही समय पर होती है उन्हें इफेक्शन का खतरा कम होता है। ये उनमें हीलिंग प्रॉपर्टीज को बूस्ट करने में भी मदद करता है।

10.बच्चों के विकास में आयरन बहुत जरूरी होता है। ऐसे में नाभि के सही समय पर काटे जाने से बच्चे के शरीर में लौह तत्व की कमी नहीं होती है। इससे बच्चे को एनीमिया का खतरा नहीं रहता है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR