अब हर ब्लॉक में खुलेंगे जन औषधि केंद्र, आप भी कर सकते हैं अप्लाई

मोदी सरकार जन औषधि केंद्र की संख्या बढ़ाने जा रही है। सरकार ने घोषणा की है कि देश के सभी ब्लॉक (प्रखंड) में जन औषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) खोले जाएंगे। सरकार की यह घोषणा आपके काफी काम की है। आप भी जन औषधि केंद्र खोल कर लगभग 30 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं। आइए, जानते हैं कि कैसे आप जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं।

क्या है सरकार की योजना 
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख लाल मंडाविया ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2020 तक देश के सभी ब्लॉक (प्रखंड) में जन औषधि केन्द्र खोल दिये जायेंगे जिससे ग्रामीण स्तर पर भी लोग सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं ले सकेंगे । मंडाविया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में 5,000 जन औषधि केन्द्र अब तक खोले जा चुके हैं और अब ब्लॉक स्तर पर इन केन्द्रों को खोलने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब प्रतिदिन दस से 15 लाख लोग जन औषधि केन्द्रों से दवाएं ले रहे हैं। वर्ष 2016 में एक साल के दौरान जन औषधि केन्द्रों से जितनी दवाएं बिकी थीं उतनी अब एक माह में बिकती हैं।

जन औषधि केंद्रों का शेयर बढ़ा 
उन्होंने कहा कि तीन साल पहले देश के दवा कारोबार में जन औषधि केन्द्रों का हिस्सा केवल दो प्रतिशत था,  जो अब बढकर सात प्रतिशत हो गया है। जन औषधि में बाजार से 20 से 50 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं मिलती हैं जिसके कारण बाजार में प्रतियोगिता बढ़ी है और निजी कम्पनियों  की दवाएं भी कुछ कम कीमत पर मिलने लगी हैं।

योजना का कौन उठा सकता है लाभ

-पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर स्टोर खोल सकेगा।
-दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को स्टोर खोलने का मौका मिलेगा।
-वहीं तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा नॉमिनेट की गई एजेंसी होगी।
-दुकान खोलने के लिए 120 वर्गफुट एरिया में दुकान होनी जरूरी है।

सरकार करेगी 2.5 लाख रुपए की हेल्प 

-जनऔषधि केंद्र खोलने में कुल खर्च 2.5 लाख रुपए तक आएगा। सरकार की योजना है कि केंद्र खोलने वालों को 2.5 लाख रुपए सरकारी सहायता दी जाएगी।
-सेंटर खोलने वालों को सरकार की ओर से 650 से ज्यादा दवा उपलब्ध कराई जाएगी।

-इसके लिए लगने वाली आवेदन फीस और प्रॉसेसिंग फीस को भी खत्म कर दिया है।

ऐसे होगी आपकी इनकम

-आप अपने सेंटर के जरिए महीने में जितनी दवाएं सेल करेंगे, उन दवाओं का 20 फीसदी आपको कमिशन के रूप में मिल जाएगा।
-ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार मंथली सेल पर 10 फीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा।
-इस तरह से दुकानदार को ट्रेड मार्जिन के अलावा इंसेटिव के रूप में डबल मुनाफा होगा। यानी अगर वह एक महीने में 1 लाख रुपए तक की दवा सेल करता है तो उसे मंथली 25 से 30 हजार रुपए तक इनकम होगी।
-कमिशन की कोई लिमिट नहीं है, जितनी दवा सेल होगी, कमिशन उतना ज्यादा बनेगा।

कैसे मिलेगी 2.5 लाख रुपए की हेल्प

सेंटर शुरू करने पर 1 लाख रुपए की दवाइयां पहले आपको दवा खरीदनी होगी। बाद में सरकार इसे रीइंबर्समेंट करेगी।
-दुकान शुरू करने में रैक, डेस्क आदि बनवाने, फ्रीज खरीदने में सरकार आपको 1 लाख रुपए तक की सहायता करेगी।
-जनऔषधि सेंटर खोलने के लिए कंप्यूटर आदि के सेटअप पर 50 हजार रुपए तक के खर्च पर भी सरकार यह पैसा रिटर्न करेगी।

कैसे मिलेगा इंसेटिव
-इंसेटिव हर महीने होने वाली दवाओं की सेल पर 10 फीसदी रखा गया है। हालांकि, इसकी लिमिट 10 हजार मैक्सिमम रखी गई है।

ऐसे करें आवेदन

स्टोर खोलने के लिए आपके पास रिटेल ड्रग सेल करने का लाइसेंस जन औषधि स्टोर के नाम से होना चाहिए।
-जो व्यक्ति या एजेंसी स्टोरी खोलना चाहता है, वह http://janaushadhi.gov.in/ पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकता है।
-एप्लीकेशन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर(A&F)के नाम से भेजना होगा।
-ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर और भी जानकारी उपलब्ध है।

ऐसे हिट हुई योजना

-मोदी सरकार ने जनऔषधि योजना के तहत ग्रांट 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया।
-दुकानदारों को दवा की बिक्री पर मिलने वाला कमिशन 15 फीसदी से 20 फीसदी हो गया।
-आवेदन फीस और प्रॉसेसिंग फीस को खत्म कर दिया। आवेदन की प्रक्रिया आसान हुई।
-हर महीने कमिशन के अलावा दवा की बिक्री पर इंसेटिव भी दिया जा रहा है।
मेडिकल स्टोर की संख्‍या 80 से बए़कर 2775 हो गई।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR