मजबूत पासवर्ड्स और वीपीएन का इस्तेमाल कर सुरक्षित रख सकते हैं अपना डाटा

डाटा ब्रीच और यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन की चोरी की खबरें अक्सर देखने-सुनने में आती रहती हैं। पिछले कुछ सालों में कई एप्स को मालवेयर के तौर पर पहचाना गया जो या तो क्लिक फ्रॉड करने या आपके डाटा को थर्ड पार्टी को बेचने के दोषी पाए गए। ऐसे में कोई भी नया एप डाउनलोड करते समय किसी न किसी फ्रॉड की शंका हमेशा मन में बनी रहती है और यह सवाल उठता है कि आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि वह आपका डाटा चोरी नहीं करेगा।

एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि किसी एप की बुरी मंशा का पूरी तरह पता लगाना फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे टिप्स जरूर हैं जिनकी मदद से आप अपने पर्सनल डाटा को ऐसे एप्स से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।

एप्स का डेटा चोरी होने से बचाने के लिए अपनाएं ये सुरक्षा उपाय

  1. पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें 

    निजी डाटा की सुरक्षा के लिए पहली जरूरत है मजबूत पासवर्ड। सबसे मजबूत पासवर्ड्स अक्षरों, संख्याओं और प्रतीकों की बेतरतीब या अनियमित श्रृंखला से बनाए जाते हैं। इन्हें न तो किसी डिक्शनरी में ढूंढा जा सकता है और न ही इन्हें ब्रूट फोर्स (हैकर के सुनियोजित अनुमानों) के जरिए तोड़ा जा सकता है।

  2. पब्लिक वाई-फाई में वीपीएन काम में लें 

    डाटा को सुरक्षित रखने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब आप पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हों। सही वीपीएन की जानकारी के लिए सीएनईटी वेबसाइट की गाइड की मदद ली जा सकती है।

    वीपीएन के फायदे-

    • पब्लिक नेटवर्क में मौजूद अन्य लोगों से आपके डाटा पर सेंधमारी रोकता है।

    • आपके डाटा ट्रांसमिशन्स को मास्क करता है

    • इंटरनेट पर फिल्टरिंग व सेंसरशिप को अवॉइड करता है

    • दुनियाभर में कई किस्म के कंटेंट को एक्सेस कर सकते हैं

  3. एप परमिशन्स के प्रति सावधान रहें 

    डिजिटल प्राइवेसी विशेषज्ञों की राय में जो भी एप यूजर्स से परमिशन्स मांगता है, उसे डबल चेक करना चाहिए। अगर आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट, जीपीएस डाटा, पिक्चर्स आदि को एक्सेस करने के लिए परमिशन देते हैं, तो मान लीजिए कि वह एप आपके उस डाटा का उपयोग कर रहा है। हमेशा इंस्टॉलेशन के दौरान सभी परमिशन्स को चेक करें और ज्यादा से ज्यादा परमिशन्स को अपने डिवाइस सैटिंग्स से ऑफ कर दें।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR