रोबोटिक ट्रांसलेटर जिसकी मदद से पहली बार मछलियों ने की मधुमक्खियों से बात

  • वैज्ञानिकों का दावा इस तकनीक से जानवरों के जीवन को सरल बनाया जा सकेगा

  • नए रोबोट टू रोबोट की मदद से दोनों प्रजातियां आपस में संवाद कर सकी

क्या कभी अपने सोचा है कि जमीन में रहने वाले जानवर पानी में रहने वाले जीव-जन्तुओं से बात कर सकते हैं, शायद नहीं। वैज्ञानिकों की एक खोज की वजह से ऐसा संभव हुआ है। उन्होंने वॉकी-टॉकी की तरह काम करने वाला एक ऐसे सिस्टम को तैयार किया है, जिसकी मदद से मछलियों और मधुमक्खियों ने आपस में बात की।

जानवरों के बायो सिग्नल्स को पढ़ता है यह सिस्टम

  1. दो अलग अलग प्रजातियों के बीच कम्यूनिकेशन सिस्टम तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने खास तरह के मिनी रोबोट्स और टर्निमल्स को डिजाइन किया है।

  2. इन छोटे टर्मिनल्स को मधुमक्खियों के छत्तों के बीच में लगाया गया, जबकि तैरने वाले रोबोट को मछलियों के बीच छोड़ा गया। इनके द्वारा लिए सिग्नल्स को ऐसी लैंग्वेज में बदला गया, जो दोनों प्रजातियां समझ सकें।

  3. मधुमक्खियों की छत्ते में लगे टर्मिनल्स आपस में बात करने के लिए हव के तापमान में उतार चढ़ाव, मूवमेंट, वाइब्रेशन जैसे संकेतों को पढ़ते हैं, जबकि मछलियों के बीच मौजूद रोबोट कलर, गति और मूवमेंट जैसे संकेतों को पढ़कर आपस में बात करते हैं।

  4. जिसका नतीजा यह हुआ कि मधुमक्खियों ने टर्मिनल्स के बाहर झुंड बनाना शुरू कर दिया, जबकि मछलियों ने तैरने के पैटर्न में परिवर्तन कर दिया, जो काउंटर क्लॉक वाइस दिशा में तैरने लगी। सूचना के इस आदन-प्रदान से दोनों प्रजातियां अपने डिसीजन आपस में शेयर करने लगीं।

  5. यह पहला मौका था जब इस तरह की तकनीक के इस्तेमाल से दो अलग-अलग प्रजातियों के जानवर आपस में बात कर सके। भविष्य में इस तकनीक से एआई बेस्ड रोबोट तैयार किए जा सकते हैं, जो जानवरों के जीवन को सरल बना सके।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR