दस सालों में स्मार्टफोन की कीमतों में आई 16% की गिरावट, बिक्री 20 लाख से 12 करोड़ तक बढ़ी

भारत में स्मार्टफोन की कीमत में पिछले 10 सालों में 16% की गिरावट आई है। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स असोसिएशन (आईसीईए) और केपीएमजी की एक जॉइंट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। आईसीईए और केपीएमजी ने ‘भारत में उपकरणों के लिए ओपन ओएस इकोसिस्टम के प्रभाव का आकलन’ विषय पर एक रिपोर्ट रिलीज की है। रिपोर्ट में भारत में डिवाइसेज के लिए ओपन ऑपरेटिंग सिस्टम अपनाने के कारण पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार कीमतों में इस गिरावट का कारण फोन मेकर्स द्वारा ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम का ज्यादा इस्तेमाल करना है। ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम में सोर्स कोड किसी के लिए भी मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध रहता है। यूजर्स इसे कस्टमाइज कर सकते हैं, इसे लीगली मॉडिफाय, री डिस्ट्रीब्यूट और री इनवेंट भी किया जा सकता है।

रिपोर्ट लॉन्च के मौके पर टेलीकॉम रेग्युलैटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा, ‘स्मार्टफोन की आसान और सस्ती उपलब्धता ने शहरी और ग्रामीण भारत के बीच के डिजिटल अंतर को कम किया है। ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम ईकोसिस्टम ने लघु, मध्यम और बड़े उद्यमों की नींव रखने में मदद की है।’

आईसीए के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रु ने कहा, ‘ओपन ओएस ईकोसिस्टम ने भारत में कई उद्यमियों और स्टार्ट अप के विकास में मदद की है।’

72% ऐप डेवलपर इस्तेमाल करते हैं ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम

  1. भारत यूएसए को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मार्केट बन गया है। यह रैंक यूनिट उत्पादन के हिसाब से है, भारतीय स्मार्टफोन मार्केट का मूल्य सालाना 37% चक्रवृद्धि दर से 2017 में डेढ़ लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।

  2. हैंडसेट और उससे जुड़े व्यापार की प्रोडक्शन युनिट की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2014 में 3 युनिट से यह आंकड़ा 2018 में 268 तक पहुंच गया है। देश के करीब 72% मोबाइल ऐप डेवलपर ओपन ओएस सिस्टम को उनके ऐप के बेस के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। डेवलपर 300 ऐप स्टोर के जरिए 152 देशों के यूजर्स तक पहुंच पा रहे हैं।

  3. ओपन ऑपरेटिंग सिस्टम बेस्ड मोबाइल के उत्पादन से 2014 से लेकर 2018 के बीच करीब 5.5 नौकरियां जनरेट हुई हैं। 2009-10 में जहां स्मार्टफोन की 2 मिलियन यूनिट की बिक्री हुई थी वहीं 2019 में यह बढ़कर 117 मिलियन पर पहुंच गई है।

  4. रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय उपभोक्ता को अब स्मार्टफोन मॉडल्स में ज्यादा ऑप्शन और अलग अलग प्राइस रेंज मिल रहे हैं। स्मार्टफोन की एंट्री लेवल कीमत 2009 में 12000 थी जो 2019 में गिरकर 1400 रुपए तक पहुंच गई है।

  5. वहीं स्मार्टफोन का औसत विक्रय मूल्य 16 प्रतिशत तक गिरकर 11,800 के आंकड़े तक पहुंच गया है। सर्वे में दावा किया गया है कि ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम ने भारतीय बाजार में बाधाओं को कम करके विस्तार करने में मदद की है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR