वह कौन सा सैटेलाइट था जिसे गिराकर भारत बना अंतरिक्ष महाशक्ति

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि इसरो ने ए-सैट मिसाइल के इस्तेमाल से करीब 300 किमी दूर लो ऑर्बिट में मौजूद एक लाइव सैटेलाइट को नष्ट कर दिया है। इस तरह भारत अंतरिक्ष महाशक्ति बनने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। अब तक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन ने ही एंटी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का सफल परीक्षण किया था।

1967 में हुई आउटर स्पेस संधि के अनुसार अंतरिक्ष को युद्ध क्षेत्र नहीं बनाया जा सकता। इसलिए सभी देश इस टेक्नोलॉजी के परीक्षण के लिए अपने ही सैटेलाइट को निशाना बनाते हैं। भारत ने भी जिस सैटेलाइट को नष्ट किया, वह जनवरी 2019 को लॉन्च किया गया एक माइक्रो सैटेलाइट था। यह सैटेलाइट फिलहाल सेवा में नहीं था।

सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह 11 बजे इस मिशन को पूरा किया गया। इसमें लो अर्थ ऑर्बिट में करीब 300 किमी दूर मौजूद सैटेलाइट को निशाना बनाया गया। पूरा मिशन सिर्फ 3 मिनट में पूरा हो गया। विज्ञान पत्रकार पल्लव बागला ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ‘यह सैटेलाइट 24 जनवरी 2019 को लॉन्च किया गया था। तब मुझे इसरो के अध्यक्ष डॉ. के सिवन ने बताया था कि यह सैटेलाइट डीआरडीओ के लिए छोड़ा गया था। सैटेलाइट 277 किमी की ऊंचाई पर छोड़ा गया था और भारत ने इतनी कम ऊंचाई पर कभी भी कोई सैटेलाइट लॉन्च नहीं किया है।’

कौन सा था वो सैटेलाइट जिसे बनाया गया निशाना

  1. इसरो ने 24 जनवरी 2019 को  पीएसएलवी- सी44 के द्वारा अपने दो सैटेलाइट ‘कलाम सैट-वी2’ और ‘माइक्रोसैट-आर’ को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था।

  2. इसरो ने दावा किया था कि कलामसैट-वी2 दुनिया का सबसे हल्का उपग्रह है। इसका वजन मात्र 1.2 किलो है। इस सैटेलाइट को चैन्नई स्थित स्पेस एजुकेशन फर्म स्पेस किड्ज इंडिया के छात्रो ने बनाया था।

  3. कलामसैट-वी2 को हैम रेडियो ट्रांसमिशन के लिए कम्यूनिकेशन सैटेलाइट के रूप में इस्तेमाल किया गया, वहीं माइक्रोसैट-आर पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम है।

  4. माना जा रहा है कि भारत ने इस परीक्षण के दौरान माइक्रोसैट-आर को नष्ट किया है। हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

NEWS SOURCE-- DAINIK BHASKAR